निर्धारित समय में कार्य पूर्ण होने की संभावना क्षीण
अमृत स्टेशन योजना अंतर्गत 16 करोड़ की लागत से महासमुंद रेलवे स्टेशन का कायाकल्प किया जा रहा है , लेकिन स्टेशन परिसर में किए जा रहे निर्माण कार्य की रफ्तार अत्यंत धीमी है। जिससे निर्धारित समय में कार्य पूर्ण होने की संभावना कम ही नजर आ रही है।
बता दें कि पीएम मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश के 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए दिल्ली से आॅनलाइन आधारशिला रखी थी। छत्तीसगढ़ में अमृत भारत स्टेशन के तहत 7 स्टेशनों का चयन किया गया है। इनमें अकलतरा, भिलाई पावर हाउस, बिलासपुर, दुर्ग, महासमुंद और रायपुर स्टेशन शामिल है। इन स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए 1459.6 करोड़ की लागत से पुनर्विकास किया जाएगा। रेलवे स्टेशन संबलपुर डिविजन में पड़ता है। इसके पुनर्विकास के लिए 16 करोड़ रुपये खर्च किया जा रहा है जिसमें स्टेशन में रुफ प्लाजा, शॉपिंग जोन, फूड कोर्ट, चिल्ड्रन प्ले एरिया, यात्रियों की सहूलियत के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास गेट होगा साथ ही मल्टी-लेवल पार्किग, लिफ्ट, एस्केलेटर, ट्रेवलेटर, एग्जीक्यूटिव लाउंज, वेटिंग एरिया, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं होंगी। जिसके निर्माण की रफ्तार काफी धीमी होने से समय पर कार्य पूरा हो पाना मुश्किल लग रहा है और यही कारण है कि नये रूप में स्टेशन को देखने लोगों को लम्बा इंतजार करना पड़ सकता है।
परिसर में फैली है निर्माण सामग्रियां
रेलवे स्टेशन के बाहर पार्किंग स्थल विकसित किया जाना है। यह कार्य भी धीमी गति से हो रही है। स्टेशन में प्लेटफार्म नंबर -एक एवं दो में हो रहे निर्माण कार्य धीमी गति से जारी है। इसलिए जगह-जगह निर्माण सामग्रियों का ढेर लगा हुआ है। जिससे यहाँ से यात्रा करने वाले यात्रियों परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।



