काेरबा,जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित किये जाने वाले चांवल की अफरा-तफरी के मामले में पिछले महिने ट्रांसपाेर्टर के खिलाफ कार्यवाही की गई थी। बावजूद जिले में चांवल की अफरा-तफरी थमी नहीं है। रविवार काे ऐसे मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्यवाही की है। शहर के चांवल व्यापारी के द्वारा विक्रेता फर्म से जारी बिल की आड़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित किया जाने वाले चांवल की अफरा-तफरी की सूचना मिल रही थी। जिसके आधार पर रविवार काे राजस्व और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने सुबह 10 बजे गौमाता चौक के पास आकस्मिक जांच की। इस दौरान एक वाहन की जांच तहसीलदार मुकेश देवांगन और खाद्य निरीक्षक उर्मिला गुप्ता की टीम द्वारा की गई। जिसमें 90 बाेरी चांवल मिला। चालक के पास से चांवल परिवहन बाबत कोई बिल, बीजक अथवा अन्य दस्तावेज नहीं मिले। चांवल का परिवहन संदेहास्पद पाये जाने पर उक्त वाहन को अग्रिम जांच के लिए कलेक्टर परिसर में लाकर खड़ी की गई। जांच के दौरान चांवल मालिक एवं वाहन मालिक मौके पर उपस्थित हुए उनके द्वारा चांवल क्रय विक्रय का बिल प्रस्तुत किया गया। चांवल मालिक ने अपने बयान में स्वीकार किया है कि वह चांवल का व्यापारी है उनके द्वारा वाहन में 90 बोरी चांवल स्वयं के वाहन में अपने गोदाम से लोड कराकर सरगबुंदिया भेजा जा रहा था। चांवल विक्रेता फर्म के द्वारा जारी बिल में मुबारक ट्रेड मार्क का चांवल बिकी करने का चिन्हांकित है, जबकि वाहन में परिवहन किया जा रहा चांवल के प्लास्टिक बोरे में उक्त फर्म के नाम का कोई पहचान अंकित नहीं पाया गया। जिससे संयुक्त टीम ने प्रमाणित माना कि व्यापारी चांवल की अवैध खरीदी एवं बिक्री का कार्य अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान से किया जाता है। एसडीएम कोरबा श्रीमती सीमा पात्रे ने बताया कि पीडीएस चांवल के अवैध खरीदी बिक्री करते पाए जाने पर चांवल मालिक पर आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं अन्य एक्ट के तहत कार्यवाही की जा रही है



