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वन विभाग का आवास सह कार्यालय परिसर या गौठान, मवेशियों को देख धोखा खा जाती है नजरें

अमले की कमी व रख रखाव के अभाव में भवन का बुरा हाल

कोरबा: यदि आप कटघोरा से पसान की ओर जा रहे हैं तो तुमान के पास भारी संख्या में मवेशी बैठे जरूर मिलेंगे, जिन्हें देख आपकी नजरें भी धोखा खा सकती है कि यह वन विभाग का आवासीय सह कार्यालय परिसर है या फिर गौठान। दरअसल विभागीय परिसर का अमले की कमी और रख रखाव के अभाव में बुरा हाल है। जिसका सुध लेने वाला कोई नहीं है।

कटघोरा वनमंडल के जटगा रेंज में तुमान सर्किल स्थित है। जहां वन विभाग का आवासीय व कार्यालय परिसर स्थित है। इस परिसर को विकसित करने वन विभाग ने लाखों रूपए खर्च किए हैं। जहां दो वनकर्मी के लिए आवास का निर्माण कराया गया है, वहीं लघु वनोपज सहकारी समिति भवन तैयार किए गए हैं, ताकि क्षेत्र के वनोपज संग्राहकों को संग्रहण सहित विभिन्न कार्यों के लिए भागदौड़ न करनी पड़े। परिसर को चारों ओर से फेसिंग तार लगाकर सुरक्षित किया गया है। इसके बावजूद आवास सह कार्यालय परिसर गौठान के रूप मे तब्दील हो चुका है। यह परिसर मवेशियो के लिए चारागाह बनता जा रहा है। परिसर में चौबीस घंटे मवेशी बैठे नजर आते हैं। दरअसल जंगल और वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिहाज से तुमान सर्किल को पांच बीट में विभाजित किया गया है। इसके विपरीत महज दो बीट गार्ड की पदस्थापना की गई है, जो बीट नजदीक होने के कारण जटगा में ही रहकर ड्यूटी करते हैं। इधर रख रखाव के अभाव में लघु वनोपज सहकारी समिति का दफ्तर भी जर्जर हो चुका है। हितग्राही तेंदुपत्ता सहित विभिन्न वनोपज की बिक्री व अन्य कार्य के लिए चक्कर काटते हैं। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभाग अपनी संपत्ती की सुरक्षा को लेकर कितना गंभीर है।

जंगल व वन्यजीव भी असुरक्षित

बताया जा रहा है कि कोरबा व कटघोरा वनमंडल में लंबे समय से कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। जिन सर्किलों में पर्याप्त कर्मचारी हैं, वे आवास का रोना रोते हुए अन्यत्र रहकर ड्यूटी करते हैं। जहां आवास उपलब्ध हैं, उन स्थानों में कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जंगल और वन्यप्राणी कितने सुरक्षित हैं। हालांकि वन अफसरों की नजर नई भर्ती पर टिकी हुई है। संभावना जताई जा रही है कि नई भर्ती के बाद बल की समस्या से राहत मिलेगी।

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