0 थाना चौकी के सामने से निकल रही प्रति ट्रैक्टर नहीं हो रही है कार्यवाही
कोरबा , रेत तस्करों की सक्रियता किस हद तक बढ़ गई है इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है,कि घाट पर मौजूद लोगों की कब्रें गायब होने लगी है। घाट के बंद होने के बावजूद दिन रात रेत निकला जा रहा है,कि जिसके कारण कई कब्रें जर्जर होकर लटकने लगी है। सब जानने के बाद भी पुलिस और खनिज विभाग आंख मूंद बैठा है जिससे लोगों का आक्रोश अब बढ़ने लगा है। रेत तस्करों द्वारा कहीं अन्य जगह का रॉयल्टी पर्ची दिखाकर कहीं और जगह से उत्खनन कर रहे हैं विभाग को इसकी पूरी जानकारी है इसके बाद भी किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं करना समझ से परे है सुबह से लेकर शाम तक थाना व चौकी के सामने से एक के बाद एक ट्रैक्टर निकल रहे हैं चौक चौराहे पर खड़े यातायात के जवान को चढ़ावा चढ़ाने के बाद उक्त ट्रैक्टर को छोड़ दिया जाता है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रेत माफिया द्वारा थाना चौकियों पर प्रति ट्रैक्टर के हिसाब से रुपए बांध दिए गए हैं इसलिए थाना चौकी के प्रभारी इन ट्रैक्टर चालकों व मालिकों पर कार्यवाही नहीं करती है शहर के गेवरा घाट ,सीतामढ़ी, बाल्को ,कुसमुंडा ,कटघोरा सहित अन्य रेत घाटों से बड़े मात्रा में अवैध उत्खनन किया जा रहा हैं
रेत तस्करों के कारण घाट पर मौजूद लोगों की कब्रें गायब होने लगी है जिससे उनके परिजन दिन ब दिन आक्रोशित होते जा रही है। बंद रेतघाट से रोज दिन रात रेत की चोरी की जा रही है लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं होने होनें से उनके हौंसले दिन ब दिन बुलंद होते जा रही है। तह तस्वीर सीतामणी रेतघाट की है जहां रेत तस्करों के चलते मौत के बाद कब्र में मौजूद लोगों की लाशें गायब होने लगी है। लोगों का कहना है,कि 30 से 40 की संख्या में कब्र गायब हो चुकी है वहीं लगातार रेत की निकासी के कारण कई कब्रें जर्जर होकर लटकने लगी है। वार्ड पार्षद का कहना है,कि रेत तस्करों के खिलाफ अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो उनके द्वारा कोतवाली थाने का घेराव किया जाएगा।
रेत तस्करों ने जिस तरह से लोगों की भावनाओं के ठेंस पहुंचाते हुए उनके परिजनों की कब्रों को खोद दिया है उससे वे काफी दुःखी है। उनका कहना है,कि हर साल उनके द्वारा परिजनों की समाधी पर पूजा पाठ की जाती है मगर जिस तरह से कब्र ही गायब हो गई है,तो पूजा पाठ कैसे करें। उन्होंने प्रशासन से इस दिशा में कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रहे है।
रेत तस्करों के कारण ही आज मौत के आगोश में समाने वाले लोगों को चैन नहीं मिल पा रहा है। खनिज विभाग और पुलिस की मनमानी के कारण आज यह स्थिती निर्मित हुई है। रेत तस्करों के खिलाफ अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो लोगों का आक्रोश सड़कों पर उतरने में देरी नहीं लगेगी




