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बंद खदान से मिट्टी धंसने की घटना के बाद प्रबंधन अलर्ट


कोरबा। दीपका में अवैध कोयला खनन के दौरान मिट्टी धंसने से हुई तीन ग्रामीणों की मौत के बाद एसईसीएल प्रबंधन सतर्क हो गया है। खदान में अनाधिकृत तौर पर ग्रामीणों को प्रवेश से रोकने के लिए उपाय तलाश रहा है।
इसे लेकर शनिवार को एसईसीएल की ओपनकास्ट कोयला खदान मानिकपुर से सटे ग्राम रापाखर्रा में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में कोरबा क्षेत्र के महाप्रबंधक दीपक पांड्या और उप महाप्रबंधन एचके प्रधान सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए। बैठक में ग्रामीणों से कहा गया कि खदान में हमेशा भारी वाहन चलते हैं। गैरकानूनी तरीके से खदान में प्रवेश करने पर दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। प्रबंधन ने खदान से प्रभावित रापाखर्रा के लोगों से कहा है कि वे खदान में घुसने से बचें और ऐसा कोई करता है तो इसकी जानकारी पुलिस या एसईसीएल प्रबंधन को दें ताकि प्रवेश पर रोक लगाई जा सके। दीपका में अवैध तरीके से कोयला खनन के कारण तीन ग्रामीणों की मौत हुई। मानिकपुर की परिस्थितियां इससे अलग है। मानिकपुर के स्टॉक से आसपास के ग्रामीण कोयला लेने आते हैं, जो रापाखर्रा और दादरखुर्द डंपिंग किनारे से होते हुए स्टॉक तक जाते हैं। यहां से बोरियों में कोयला भरकर साइकल या अन्य दोपहिया वाहन पर ले जाते हैं। प्रबंधन को डर है कि अगर किसी दिन भारी वाहनों की चपेट में आकर किसी ग्रामीण के साथ अनहोनी हुई तो प्रबंधन के समक्ष मुश्किल खड़ी हो सकती है। यही वजह है कि प्रबंधन खदान के आसपास रहने वाले लोगों को जागरूक कर खदान के भीतर घुसने से रोकने की कोशिश कर रहा है।

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