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धन की कमी के बाद भी मन शांत रखने वाला ही परम सुखी-कथावाचक गौरव कृष्ण

कोरबा । वासन परिवार कोरबा द्वारा ओपन थियेटर घंटाघर कोरबा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह के अंतिम दिन वृंदावन से पधारे कथा वाचक आचार्य गौरव कृष्ण गोस्वामी ने कृष्ण उद्धव संवाद, दत्तात्रेय के 24 गुरू की कथा, परिक्षित मोक्ष के प्रसंग को लेकर इने संगीतमय वातावरण में कथा के प्रसंगों को विस्तार पूर्वक बताया।
आचार्य गौरव कृष्ण गोस्वामी ने या भक्तों को श्रीमद् भागवत कथा की क महिमा बताई उन्होने कहा कि प्रभु की भक्ति, साधना व ध्यान लगाने से न आनंद व आत्म संतोष की अनुभूति । होती है। उन्होंने कहा कि प्रभु को निस्स्वार्थ भाव से याद करना चाहिए। प्रभु को याद करते हुए फल प्राप्ति की लालसा नहीं रखना चाहिए। जीवन में कितना भी धन ऐश्वर्य की संपन्नता हो, लेकिन यदि मन में शांति नहीं है तो वह व्यक्ति कभी भी सुखी नहीं रह सकता। वहीं जिसके पास धन की कमी भले ही हो सुख सुविधाओं की कमी हो परंतु उसका मन यदि शांत है तो वह व्यक्ति वास्तव में परम सुखी है। यह हमेशा मानसिक असंतुलन से दूर रहेगा। कथा प्रसंग में परम भक्त सुदामा चरित्र पर प्रकाश डालते हुए गोस्वामी जी ने कहा कि श्री सुदामा जी के जीवन में धन की
कमी थी. निर्धनता थी लेकिन वह स्वयं कसी भी नही चरमशांत थे। इस लिये सुदामा जी हमेशा सुखी जीवन जी रहे सुद्धा क्योंकि उनके पास प्रभुनाम रूपी धन था। आर्चाय ने इस पावन सुदामा प्रसंग पर सार तत्व बताते हुए समझाया विक्ति अपना मल्य समझे और
विश्वास करे कि हम संसार के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति है। तो वह हमेशा कार्यशील बना रहेगा। क्योंकि समाज में सम्मान अमीरी से नहीं ईमानदारी और सज्जनता से प्राप्त होता है। आज के • कथा में मुख्य रूप से सांसद ज्योत्सना महंत, पूर्व विधायक ननकी रामकंवर, पूर्व मेयर रेनू अग्रवाल, यश वासन, सावंत वासन, गुलसन वासन ममता वासन, राहुल वासन, साहिल वासन, गोपाल साहू, नवीन अग्रवाल, प्रेम खरसिया, उमा अग्रवाल, सीमा अग्रवाल, संतोष राठौर, शशिकांत , मनोज, मुन्नासाहू, शीला साहू ,अभिनव, जसप्रीत, गायत्री देवांगन, सीमा उपाध्याय, केशर सिंह राजपूत, अभिप्रीत जुनेजा उपस्थित थे। आज विशेष महोत्सव के रूप में फूल होली महोत्सव विशेष धूम धाम से मनाया * गया। जिसमें आचार्य द्वारा होली खेल रहे बांके बिहारी को देख छटा, मेरे मन है गयो लटा-पटा आदि भजनों को बड़े ही भाव के साथ गुन-गुनाया गया। जिससे हजारों की संख्या में उपस्थित श्रोताओं ने फूल होली महोत्सव का आनंद प्राप्त किया। संपूर्ण कथा प्रांगण श्री राधा कृष्ण मय हो गया। बिलासपुर से आचार्य जी ने बताया कि सितंबर 2024 में उनके पूज्य गुरु जी का आगमन कोरबा की इस धरती में हो रहा है साथ दिसम्बर 2024 अघन के माह में फिर से कथा करने आएंगे
समय की कीमत पहचानों और उपयोग में लाओ
— आचार्य ने कथा के अंतिम दिन सूकदेव द्वारा राजा परीक्षित को सुनाई गई श्रीमद् भागवत कथा को पूर्णता प्रदान करते हुए कथा में विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया। आचार्य ने कहा कि भगतव कथा से ही ये

संयोग हो सकता है कि इस कथा में ना केवल कोरबा से वरण छत्तीसगढ़ के अन्य शहरों से भी श्रद्धालुजन आये है। तु बैठे नहीं हो यहां बैठाये गये हो, तु आये नहीं हो कृपा से लाये गये हो। कृष्ण गोस्वामी

ने कहा समय अनमोल है भैय्या। समय रहते पैसा तो कमाया जा सका है लेकिन समय नहीं कमाया जा सकतक समय की कीमत पहचानों समय कः उपयोग में लाओ।

खुद किरायेदार और बांके को मकान मालिक बना कर रखें

आचार्य ने कहा कि परिवार में शांति से रहना चाहो तो किरायेदार बन कर रहो। घर का मालिक बांके बिहारी को बना कर रखो। घर में सुख भी उसका और दुख भी उसके ऊपर छोड़ दों तेरा होकर भी सर झुकाना भुल जाता हूं, क्षमा करना तेरी महफील में आना भूल जाता हूं। कथा प्रवचन के दौरान आचार्य पवन कृष्ण गोस्वामी ने श्री कृष्ण के भक्तिमयी भजनों की प्रस्तुति दी जिस पर उपस्थित भक्तगण झूम उठे। नौ दिसंबर से चल रहे श्रीमद् भागवत कथा का शुक्रवार को समापन हुआ।

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