गांव मित्रों ने जताई नाराजगी और कहां बूचड़खाना या गौठान..

कोरबा गौठानों में गायों की स्थिति बेहद दयनीय है। ऐसा एक नया मामला इंडस्ट्रियल एरिया गोकुल नगर स्थित सरकारी गौठान में सामने आया है जब गौ सेवा मित्र शिकायत मिलने पर पहुंचे तब वहां उन्होंने देखा कि कई दिनों से भूखी गर्भावस्था में खून से लथपथ तड़प रही गाय पीने के पानी के लिए तरस रही थी।
मीडिया से चर्चा के दौरान गौ सेवा मित्र ने बताया इस गौठान में लगभग 175 गाय है। जहां सभी गए भूख प्यास से सूख गए हैं सभी गायों की हालत देखकर सेवा मित्रों की आंखों में आंसू आ गए। गौ माता के लिए नाही यहां कोई चारा दाना की व्यवस्था दिखी ओर ना ही पीने के लिए पानी आस पास के लोगो ने बताया कि कई गाये रोज मर रही है, इससे ऐसा लगता है मानो या गौठान नहीं बुचड़खाना हो l सेवा मित्रों का कहना है कि अभी तक कितनी गायोंं की मौत हुई है. इनका आंकड़ा भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए।आस पास के लोगो द्वारा बताया गया कि कुछ गए जो स्वस्थ है उन्हें सड़क पर छोड़ दिया जाता है बाकी सभी गाये भूखी प्यासी मरणासन्न स्थिति में है। सेवा मित्रों ने चंदा कर पाइप खरीदकर पीने की पानी की व्यवस्था की। इतना ही नहीं उनके लिए चारा, दाना और सब्जी मंगाकर उन्हें खिलाया। साथ ही बीमार गऊ माताओं की इलाज भी करवाई। शासन प्रशासन को इसकी जानकारी सेवा मित्रों द्वारा दी गई है। लेकिन अभी तक प्रशासन गौठान संचालक के खिलाफ कार्रवाई करने में असमर्थ है।



