
एसईसीएल मे 39 वाँ स्थापना दिवस सोल्लासपूर्ण मनाया गया,गेवरा क्षेत्र को उत्कृष्ट शील्ड
कोरबा…. एसईसीएल प्रशासनिक भवन प्रांगण में 39वाँ स्थापना दिवस अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डॉ. प्रेम सागर मिश्रा के मुख्य आतिथ्य, निदेशक (वित्त) श्री जी. श्रीनिवासन, निदेशक तकनीकी संचालन सह योजना-परियोजना श्री एस.एन. कापरी, निदेशक (कार्मिक) श्री देबाशीष आचार्या, मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री जयंत कुमार खमारी, पूर्व अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक श्री आर.बी. माथुर, श्री व्ही.के. सहगल, श्री एम.पी. दीक्षित, पूर्व निदेशक तकनीकी संचालन श्री एन.के. सिंह, श्री सीएल श्रीवास्तव, पूर्व निदेशक (कार्मिक) श्री के.के. श्रीवास्तव, श्री टी. विनायक राव पूर्व आईएफएस, एसईसीएल संचालन समिति के श्री सुजीत कुमार सिंह (बीएमएस), श्री गोपाल नारायण सिंह (एसईकेएमएसी), श्री वी.एम. मनोहर (सीटू), श्री ए. के. पाण्डेय (सीएमओएआई) के विशिष्ट आतिथ्य, एसईसीएल कल्याण बोर्ड, एसईसीएल सुरक्षा समिति, सिस्टा, कौंसिल एवं ओबीसी एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए अधिकारी-कर्मचारीगण, विभिन्न विभागाध्यक्षों व स्थानीय अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति में एसईसीएल का 39वॉं स्थापना दिवस सोल्लास मनाया गया।
अपने सम्बोधन में मुख्य अतिथि अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डॉ. प्रेम सागर मिश्रा एसईसीएल असीम संभावनाओं की कम्पनी है तथा इसकी विकास यात्रा में भूतपूर्व खनन मनीषीयों एवं भूतपूर्व नेतृत्व शक्तियों व कर्मवीरों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने बताया कि पिछले 38 वर्षों में एसईसीएल ने उत्पादन में 500 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।
निदेशक (वित्त) श्री जी. श्रीनिवासन ने स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि हमें इसी प्रकार टीम भावना से मिलकर कार्य करना है।
निदेशक तकनीकी संचालन सह योजना परियोजना श्री एस.एन. कापरी ने कम्पनी के इस वित्तीय वर्ष की उपलब्धियों को बताते हुए कहा कि आज का दिन हमें पुनः प्रगति पथ पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा लेने का दिन है।
निदेशक कार्मिक श्री देबाशीष आचार्या ने सीएसआर व भूमि अधिग्रहण के प्रकरणों में कम्पनी की सफलता का उल्लेख करते हुए स्थापना दिवस की बधाई दी।
मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री जयंत कुमार खामारी ने स्थापना दिवस के अवसर पर सभी को शुभकामनाएँ दी। यहॉं के अधिकारी-कर्मचारी, श्रमसंघ प्रतिनिधिगण एकजुटता से दिए गए निर्धारित लक्ष्य को अवश्य ही हासिल कर लेंगे। उन्होंने अपने उद्बोधन में भविष्य की कार्ययोजनाओं पर सविस्तार प्रकाश डाला।
पूर्व अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक श्री आर.बी. माथुर, श्री व्ही.के. सहगल, श्री एम.पी. दीक्षित, पूर्व निदेशक तकनीकी संचालन श्री एन.के. सिंह, श्री सीएल श्रीवास्तव, पूर्व निदेशक (कार्मिक) श्री के.के. श्रीवास्तव ने कहा कि प्रारंभ से ही एसईसीएल की गौरवमयी उपलब्धियॉं रही हैं। एसईसीएल कम्पनी एवं उसके अधिकारी-कर्मचारी सभी की मेहनत और लगन से दिन-प्रतिदिन प्रगति की ओर अग्रसर होते रहें यही कामना है । अंत में उन्होंने इस आयोजन पर आमंत्रण के लिए प्रबंधन को धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर एसईसीएल संचालन समिति के श्री सुजीत कुमार सिंह (बीएमएस), श्री गोपाल नारायण सिंह (एसईकेएमएसी), श्री वी.एम. मनोहर (सीटू), श्री ए. के. पाण्डेय (सीएमओएआई) ने कहा कि एसईसीएल स्थापना दिवस के अवसर पर हम यहॉं उपस्थित हुए हैं, आज कम्पनी जिस शिखर पर है उसमें एसईसीएल के अगुवा डॉ. प्रेम सागर मिश्रा एवं निदेशक मण्डल एवं मेहनतकश मजदूर भाइयों का श्रम है जिन्हें शत्-शत् नमन करते हैं।
कार्यक्र्रम के प्रारंभ में मुख्य अतिथि एवं समस्त मंचस्थ अतिथियों द्वारा दीप-प्रज्ज्वलन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सहित विशिष्ट अतिथियों व मंचस्थ अतिथियों, एसईसीएल संचालन समिति, कल्याण समिति, सुरक्षा समिति, सिस्टा, कौंसिल एवं ओबीसी एसोसिएशन के पदाधिकारियों का शाल, श्रीफल व पुष्पहार से आत्मीय सम्मान किया गया।
इस अवसर पर एसईसीएल मुख्यालय प्रांगण में विशेष आकर्षण के रूप में प्रसिद्ध विचारक व लेखक एवं पूर्व सीईओ प्राक्टर एण्ड गेम्बल श्री गुरूचरण दास ने समारोह में उपस्थित सभी जनों के समक्ष मोटिवेशनल टाक दिया जिसमें उन्होंने मैनेजमेंट के अपने अनुभवों को साझा किया जिससे उपस्थितजन मंत्रमुग्ध हुए।
इसके पूर्व मुख्य अतिथि अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डॉ. प्रेम सागर मिश्रा ने साथी निदेशकगणों, विशिष्ट अतिथियों, विभिन्न विभागाध्यक्षो, अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति में ध्वज फहराया एवं शहीद स्मारक, भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की स्थापित प्रतिमा एवं खनिक प्रतिमा पर माल्यार्पण किए।
स्वागत उद्बोधन महाप्रबंधक (विक्रय-विपणन) श्री सीबी सिंह ने दिया, अंत में उपस्थितों को धन्यवाद ज्ञापित महाप्रबंधक (गुणवत्ता नियंत्रण) श्री आरपी सिंह ने दिया। कार्यक्रम में सफलतापूर्वक उद्घोषणा का दायित्व श्री जाकिर हुसैन मुख्य प्रबंधक (पर्यावरण) ने निभाया ।



