कोरबा। नगर पालिका निगम की बहुप्रतिशत सामान्य सभा का शुक्रवार का आयोजन हुआ, जहां पक्ष और विपक्ष की तीखी नोक झोंक और हंगामें के बीच शहर विकास के लिए 904 करोड़ रुपए का ऐतिहासिक बजट पारित किया गया। सत्ता पक्ष ने शहर के विकास के मद्देनजर जनहितैषी बजट करार दिया जबकि विपक्ष ने इसे नगर पालिका निगम में काबिज कांग्रेस की सत्ता का दुरुपयोग कर जनविरोधी बजट पारित करने का आरोप भी लगाया। महापौर राजकिशोर प्रसाद ने अपने कार्यकाल का पांचवा और अंतिम बजट पेश किया, इसमें सभी वार्ड में सडक़ों को मरम्मत, चौक-चौराहा का कायाकल्प, सौंदर्यीकरण, साफ-सफाई, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के निपटारा पर जोर दिया गया है। इस साल भी नगर निगम ने कर में किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की है। टैक्स को ऑनलाइन जमा करने की प्रक्रिया सभी वार्डों में शुरू करने की बात भी हुई । वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 904 करोड़ 78 लाख रुपए का बजट पेश किया गया है. बजट का अधिकांश हिस्सा शासकीय योजना के क्रियान्वयन, नगर निगम में सडक़ों की मरम्मत, नालियों का निर्माण और साफ-सफाई, जलप्रदाय, स्ट्रीट लाइट और सौंदर्यीकरण पर खर्च होंगे। बीते वर्ष में निगम के पास 370 करोड़ रुपए का प्रारंभिक अवशेष है। बजट भाषण के बाद महापौर ने सभा से इस बजट को सर्वसम्मति से स्वीकृत करने का आह्वान किया। महापौर राजकिशोर प्रसाद ने कहा कि शहर के विकास को ध्यान में रखते हुए बजट बनाया गया है। जिसमें संधारण, मरम्मत के काम होंगे, खेलकूद के लिए राशि का आवंटन किया गया है। सौंदर्यीकरण के साथ ही सडक़, नाली और पानी के लिए बजट में प्रावधान किए गए हैं। शहर के विकास के लिए बजट तैयार किया गया है।



