
* माकपा ने एसईसीएल को दिया घेराव का नोटिस
* 9 फरवरी को एसईसीएल कोरबा मुख्यालय का करेंगे घेराव
कोरबा …. सार्वजनिक क्षेत्र के वृहद उपक्रम कोल् इंडिया के अधीन संचालित एसईसीएल बिलासपुर की कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में स्थापित खुले मुहाने की गेवरा कोयला परियोजना अंतर्गत एसईसीएल की मेगा प्रोजेक्ट के बलगी-छुराकछार खदान के भू-धसान से प्रभावित किसानों को विगत तीन वर्षों का फसल क्षतिपूर्ति मुआवजा देने की मांग को लेकर प्रभावित किसानों ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में एसईसीएल के कोरबा महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर 9 फरवरी को कोरबा मुख्यालय घेराव का नोटिस थमा दिया है।
ज्ञापन सौंपने में प्रमुख रूप से माकपा जिला सचिव प्रशांत झा भू-विस्थापित संघ के नेता रेशम यादव, दामोदर, श्याम के साथ प्रभावित किसान महिपाल सिंह कंवर, गणेश राम चौहान, सावित्री चौहान, मोहर दास, वेद कुंवर, मिथला बाई, अवधा बाई, तुलसी बाई, राम बाई, तन्हाई सिंह, चमरा राम, हरी नारायण आदि उपस्थित थे।
माकपा जिला सचिव प्रशांत झा ने बताया कि बलगी-छुराकछार खदान के भू-धसान के कारण बलगी-छुराकछार बस्ती के किसानों की भूमि वर्ष 2009 से कृषि कार्य करने योग्य नहीं रह गई है। इससे किसानों को हुए भारी नुकसान को देखते हुए वर्ष 2019-20 तक का फसल क्षतिपूर्ति व मुआवजा एसईसीएल प्रबंधन ने दिया। लेकिन इसके बाद वर्ष 2020-21 से वर्ष 2022-23 तक का तीन वर्षों का मुआवजा अभी तक लंबित है। अनुविभागीय अधिकारी कटघोरा द्वारा किसानों को हुए नुकसान का आंकलन कर क्षतिपूर्ति व मुआवजा देने के लिए एसईसीएल कोरबा प्रबंधन को पत्र देने के बाद भी किसानों की समस्याओं के प्रति एसईसीएल की उदासीनता और उसकी वादाखिलाफी के खिलाफ किसानों में काफी आक्रोश है। 2 जनवरी को कोरबा मुख्यालय घेराव की चेतावनी के बाद घेराव से पहले बैठक कर जनवरी माह में फसल का क्षतिपूर्ति व मुआवजा देने का आश्वासन प्रबंधन ने दिया था लेकिन प्रभावित किसानों को क्षतिपूर्ति व मुआवजा नहीं मिला जिससे किसानों में काफी आक्रोश व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार कोरबा महाप्रबंधक ने फरवरी में मुआवजा भुगतान का आश्वासन किसानों को दिया है लेकिन किसानों को एसईसीएल के आश्वाशन पर भरोसा नहीं है। माकपा प्रतिनिधिमंडल के साथ उपस्थित किसानों ने महाप्रबंधक से कहा कि दस दिनों में किसानों को हुए नुकसान का क्षतिपूर्ति व मुआवजा नहीं मिला तो 9 फरवरी को एसईसीएल कोरबा मुख्यालय का घेराव किया जाएगा।



