

कोरबा .. स्व. बिसाहूदास महंत न सिर्फ बांगो बांध बल्कि पृथक छत्तीसगढ़ राज्य के भी स्वप्नदृष्टा थे। वे सही मायने में गांधीवादी, मानवता के पुजारी थे। उन्होंने राजनीति में गुरू, बड़े भाई और मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हुए सभी का मार्गदर्शन किया। आज उनके पद्चिन्हों पर चलकर हम सभी छत्तीसगढ़ की जनता की सेवा कर रहे हैं।सपना चौहान, कुसुम द्विवेदी, उषा तिवारी, अर्चना उपाध्याय, अजय तिवारी, एसएल निगम, गौतम बंदोपाध्याय, विक्रम सिंघल, नवल पंडित, विजय मिश्रा, देवाशीष मुखर्जी, सुरेश शुक्ला, ठाकुर देवेश सिंह, ठाकुर गुलजार सिंह, प्रभा तंवर, नगर पालिका दीपका अध्यक्ष संतोषी दीवान, जिला साहू संघ के अध्यक्ष गिरजा साहू, कांग्रेस कोरबा ब्लाक अध्यक्ष संतोष राठौर, कटघोरा ग्रामीण ब्लाक अध्यक्ष गोरेलाल यादव, दुष्यंत शर्मा, राजीवलखन पाल आदि को शॉल, श्रीफल व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कोरबा, जांजगीर-चाम्पा, सक्ती, रायगढ़, बिलासपुर, रायपुर, कोरिया सहित छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से बिसाहूदास महंत के अनुयायी शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन विधायक राघवेन्द्र सिंह, सांसद प्रतिनिधि हरीश परसाई ने किया व आभार विधायक लालजीत राठिया ने जताया।
कबीर के भजनों से दी श्रद्धांजलि
100वीं जयंती शताब्दी समारोह के प्रारंभ में स्व. बिसाहूदास महंत के छायाचित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित की गई। मंच पर दीप प्रज्वलन किया गया। इसके पश्चात अंचल के प्रसिद्ध लोक गायक थिरमन दास महंत एवं पार्टी द्वारा संत कबीर के भजनों से श्रद्धांजलि देते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर प्रसिद्ध रेडियो सिंगर स्व. नर्मदा प्रसाद वैष्णव द्वारा बांगो बांध निर्माण के दौरान रचित गीत बांगो बांध बंधा गे रे भैय्या… की प्रस्तुति उनके पुत्र बसंत वैष्णव ने थिरमन दास महंत के साथ दी।



