कोरबा, जिले के 41 धान खरीदी केंद्र और 51 उपार्जन केंद्रों में फर्जी पत्रकारों की बाढ़ आ गई है। धान खरीदी केंद्र के कर्मचारियों का भयादोहन कर परेशान किया जा रहा है। उपार्जन केंद्र के सभी कर्मचारियों के द्वारा समिति के माध्यम से कलेक्टर को शिकायत की जानी है लेकिन खरीदी में व्यस्त होने के कारण शिकायत नहीं कर पा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार जिले के सभी ब्लॉकों के धान उपार्जन केंद्रों में फर्जी और कथित पत्रकार वसूली के लिए पहुंच रहे हैं। कर्मचारियों का भयादोहन कर कुछ वसूल भी रहे हैं। कर्मचारी भयभीत हैं और आए दिन पैसा उगाही से तंग हो गए हैं। ऐसा ही एक मामला ग्राम सेंदरीपाली में सामने आया। सेंदरीपाली से लगे उपार्जन केंद्र केरवाद्वारी, रामपुर, बेहरचुआं और नवापारा शामिल हैं। फर्जी पत्रकार के द्वारा 14 हजार रुपए की उगाही भी की गई और सभी पत्रकारों को संभालने का आश्वासन भी दिया गया। चार दिन बाद फिर वही फर्जी पत्रकार उगाही के लिए पहुंच गया और उगाही नहीं देने पर खरीदी केंद्र से निकल रही गाड़ी को पकड़ लिया। उपस्थित कर्मचारियों ने इससे मना किया तो विवाद पर उतारु हो गया तब दोनों पक्ष में मारपीट हो गई। फर्जी पत्रकारों के फर्जी शिकायतों से परेशान अधिकारी भी जांच के लिए मौके पर पहुंचे। मौके पर किसान अपने धान बेचते और तौल कराते नजर आए, जहां गड़बड़ी की शिकायत झूठी मिली। याद रहे इससे पहले 22 दिसंबर को ग्राम चचिया के धान उपार्जन केंद्र में कार पर सवार होकर पहुंचे चार कथित पत्रकारों ने कोरबा जनपद के पूर्व अध्यक्ष देवी लाल राठिया को ही घेर लिया था। कथित पत्रकारों ने बड़े किसान श्री राठिया को कोचिया बताते हुए धान खरीदी में गड़बड़ी बताकर उगाही की कोशिश की थी लेकिन श्री राठिया के साथ अभद्रता होने की जानकारी मिलते ही यहां बड़ी संख्या में ग्रामवासी एकत्र हो गए और कथित पत्रकारों को उल्टे पांव भागना पड़ा।
जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में किसानों के द्वारा या उनके लाए गए कर्मचारियों के द्वारा उपार्जन केंद्रों में धान अल्टी-पल्टी और बोरा सिलाई का काम किया जाता है। ऐसे लोगों को भी वही हमाली की राशि दी जानी है जो उपार्जन केंद्रों में उक्त काम करने वाले कर्मचारियों को दी जाती है। कलेक्टर संजीव झा ने सभी उपार्जन केंद्रों में इस आशय के निर्देश जारी किए हैं। खाद्य विभाग के सभी निरीक्षक मौके पर जाकर निर्देश का पालन कराने पर जोर दे रहे हैं।



