जांजगीर-चांपा। दशगात्र में भोजन करने के बाद परिवार के 10 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। सभी को उल्टी दस्त की शिकायत होने पर अस्पताल दाखिल कराया गया। इधर घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन का अमला हरकत में आया। स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और स्थिति को देखते हुए सभी को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचवाया। जहां उपचार शुरू किया गया। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार नगर पंचायत राहौद वार्ड क्रमांक 6 में निर्मलकर परिवार के यहां दशगात्र का कार्यक्रम था, जहां भोजन करने के बाद कुछ लोगों की तबीयत बिगडने लगी। बताया जाता है कि उन्हें उल्टी दस्त होने लगा। एक एक करके इस तरह की शिकायत मिलने पर परिवार के साथ आसपास के लोग सकते में आ गए। एक एक करके बीमार लोगों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। यहां के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में कुछ देर में ही 10 लोग पहुंच गए, जिन्हें दवाईयां देकर उपचार शुरू कराया गया। पीड़ितों में मनकी पति रामचरण उम्र 65 वर्ष, स्वाति पिता विनोद, कार्तिक पिता हेमलाल, धनी पिता रामनारायण, परमेश्वर पिता बादशाह, कुणाल पिता विनोद, कुश पिता विरेन्द्र, आशी पिता राकेश, सुनीता पिता अशोक, चेस पिता रामनारायण को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया। इनमें से दो लोगों की स्थिति ज्यादा खराब होने पर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पामगढ़ रेफर किया गया। इधर सूचना मिलते ही अपर कलेक्टर एवं पामगढ़ एसडीएम आरके तंबोली, बीएमओ व तहसीलदार के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से चर्चा की और अस्पताल पहुंचकर बीमार लोगों के उपचार के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बताया जाता है कि अधिकारियों के मुताबिक परिवार में भोजन में मीठा परोसेने के लिए राहौद के एक होटल से मिष्ठान्न मंगाया था। पूछताछ पर परिजनों ने बताया कि मीठा खाने के बाद परिवार के सदस्य बीमार हुए है। ऐसे में एसडीएम के निर्देशन में खाद्य निरीक्षक की टीम होटल पहुंची और वहां से लिए गए मिष्ठान्न का सेंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया। इधर फूड पॉइजनिंग के मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर कलेक्टर, पामगढ़ एसडीएम श्री तंबोली ने प्रभावित परिवार के घर पहुंचकर ना केवल पूरी घटनाक्रम की जानकारी ली बल्कि इसके बाद उन्होंने लोक स्वास्थ्य ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के अफसरों को तलब किया और प्रभावित परिवार द्वारा उपयोग किए जा रहे पेयजल की जांच निर्देश दिए।



