कोरबा, भारत के ऊर्जा पुरुष छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती का उत्सव बुधवारी बाजार स्थित गजानन साईं मंदिर के समीप शिवाजी महाराज की प्रतिमा के सम्मुख आयोजित किया गया । संयुक्त महाराष्ट्र सेवा मंडल कोरबा के तत्वावधान में मराठी युवा मंच और जिला मराठा समाज के नवयुवकों द्वारा आयोजित इस उत्सव में सर्वप्रथम छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का दुग्धाभिषेक पश्चात पूजन किया गया । युवाओं की ओर से अपने विचार व्यक्त करते हुए अजय विश्वकर्मा ने कहा की शिवाजी महाराज ने अपना संपूर्ण जीवन हिंदुत्व की रक्षा के लिए न्योछावर कर दिया । इससे प्रेरणा लेते हुए हम सभी को सनातन धर्म की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए । जिला मराठा समाज की ओर से श्रीकांत जाधव ने सभी समाज को एकत्रित होने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जिला मराठा समाज आज से महाराष्ट्र मंडल के साथ जुड़कर छत्रपति शिवाजी जयंती सहित अनेक आयोजन संपन्न करेगा । इस घोषणा का समर्थन करते हुए नवयुवकों के आग्रह पर जिला मराठा समाज के वरिष्ठ संरक्षक अश्विनी कदम एवं गणेश सेवा समाज के अध्यक्ष साहेबराव साउतकर ने एक दूसरे का पुष्प हार से स्वागत कर दो संस्थाओं के आत्मिक मिलन का प्रदर्शन किया । महाराष्ट्र मंडल की ओर से हेमन्त माहुलीकर ने छत्रपति शिवाजी महाराज के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन सामाजिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण है । मुगल आक्रांताओं से लोहा लेते हुए भी उन्होंने अपनी सेना में एवं अंगरक्षक के रूप में हिंदुओं के साथ साथ मुसलमान युवाओं पर भी भरोसा किया जो छत्रपति शिवाजी महाराज के एक आदेश पर अपना जीवन निछावर करने को तत्पर थे । विश्व के लगभग 120 देशों के विश्वविद्यालयों में शिवाजी द मैनेजमेंट गुरु विषय पर अध्ययन किया जाता है , परंतु दुर्भाग्य का विषय है कि भारत के युवाओं को अध्ययन हेतु अपने ही देश के पराक्रमी ऊर्जा पुरुष के विषय में पाठ्यक्रम में उचित स्थान नहीं दिया गया ।
संपूर्ण कार्यक्रम का सफल संचालन चिंतन ओत्तलवार ने किया । मराठी युवा मंडल के संयोजक आलोक दिवाटे ऋतु चौरसिया, आशीष कदम , निंबालकर विशाल केलकर ,आकाश फडतरे , अंकित पाठक , अभिलाष साउतकर , ऋतिक वानखेड़े ,भूपेंद्र विलायतकर , अरविंद सुब्बनवार , शिवम नरडे , मेहुल फडतरे , तपिश चौरे ,अमोल पवार , राखोंडे ,अंशुल चौधरी सहित अनेक युवाओं का सहयोग प्राप्त हुआ । भारत माता की आरती के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ ।



