
कोरबा: जिले की चार विधानसभा में मतदान की प्रक्रिया 17 नवम्बर को पूरी हुई।वोटिंग के बाद ईवीएम मशीनों को आईटी कालेज झगहरा के स्ट्रॉन्ग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच रख दिया गया है।
चारो विधानसभा क्षेत्रों की वोटों की गिनती के लिए 14-14 टेबल लगाये जायेंगे।सबसे कम मतदान केंद्र होने की वजह से कोरबा और कटघोरा का परिणाम सबसे पहले आयेगा।लेकिन रूझान दोपहर 12 बजे से शुरू हो जाएगा। प्रत्याशियों के साथ जनता को भी 3 दिसंबर का इंतजार है जिस दिन ईवीएम खोला जाएगा. प्रदेश के राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल औऱ पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर सहित सभी प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा।
बता दे कि कोरबा जिले मे 74.08 फीसदी मतदान पड़े।वहीं कोरबा में 66.77 फीसदी, रामपुर में 79.36 फीसदी, कटघोरा में 75.99 फीसदी औऱ पाली तानाख़ार में 80.73 फीसदी मत पड़े।
वोटिंग होने के बाद राजनीतिक दलों की धड़कने तेज हो गई है। इस बार वोटिंग को लेकर प्रशासन ने सख्त नियम बनाए गए है। कड़ी सुरक्षा के बीच वोटिंग प्रक्रिया को पूरा कराया जाएग..
मतगणना स्थल पर जिला बल के एवं राज्य के अन्य पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों से मंगाए गए 1000 के लगभग पुलिस जवानों व पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों के कड़े पहरे के मध्य मतगणना की प्रक्रिया सुबह से शुरू कर दी जाएगी।
जाने मतगणना की प्रक्रिया..
विधानसभा चुनाव की वोटिंग होने के बाद इलेक्शन कमीशन की निर्धारित तारीख पर स्ट्रॉन्ग रूम में रखी गई ईवीएम मशीनों को खोलकर मतों की गणना की जाएगी इसके लिए एक प्रोसेस को फॉलों करना होता है जानिए उस प्रोसेस को।
सुबह 8 बजे वोटों की काउटिंग होगी शुरू
वोट काउटिंग के लिए बनाए गए सेंटर पर सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हो जाती है। हालांकि मतगणना से 3 घंटे पहले ही इसका काम शुरू हो जाता है। सुबह करीब 5 से 6 बजे के करीब ड्यूटी में लगने वाले कर्मचारियों को रेंडमाइजेशन दिया जाता है। साथ ही बताया जाता है कि उनको किस टेबल पर अपनी ड्यूटी देना है।
काउटिंग से आधे घंटे पहले खुलता है स्ट्रॉन्ग रूम
मतगणना में लगे कर्मचारियों को ड्यूटी बताने के बाद करीब 7 बजे से साढ़े सात बजे के आसपास जिला निर्वाचन अधिकारी व कलेक्टर सहित अन्य उच्च अधिकारी की उपस्थिति में ईवीएम मशीन रखे गए स्ट्रॉन्ग रूम खोला जाता है और मशीनों को मतगणना के लिए निकाला जाता है।
पहले डाक मतपत्र फिर ईवीएम की होगी गणना
मतगणना की शुरूआत में सबसे पहले डाकमत पत्रों की काउटिंग के साथ शुरू होती है। इसकी मतगणना पूरी होने के बाद ईवीएम मशीनों से काउटिंग शुरू की जाएगी। काउटिंग से पहले अधिकारियों और पार्टी एजेंट को दिखाकर ईवीएम की सील खोली जाती है। इसके बाद इनके काउटिंग का काम शुरू होता है।
वोटों की जानकारी के बाद खुलती है दूसरी मशीन
एक ईवीएम मशीन में वोटिंग काउंट करने के बाद अधिकारी उस राउंड के सभी प्रत्याशियों को मिले वोटों की एक कॉपी जारी करते है। इसके बाद दूसरी मशीन को मतगणना के लिए खोला जाता है।
वीवीपैट से होता है वोटों का मिलान
ईवीएम मशीन के साथ डाक मतपत्रों से मिले वोटों की काउटिंग प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी विधानसभा क्षेत्र के सभी पोलिंग बूथों में से एक नंबर को चुना जाता है। इसके लिए लॉटरी सिस्टम को फॉलो किया जाता है। उस नंबर के वीवीपैट को लेकर इसी वोटिंग स्लिप की गिनती की जाती है और इसको ईवीएम में पड़े वोटों से चेक किया जाता है।



